सूरजपुर/रामानुजनगर। विकासखंड रामानुजनगर के ग्राम भूनेश्वरपुर स्थित प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की कथित बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को छात्राओं का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। छात्रावास की आदिवासी छात्राएं “हमें खाना दो, सुरक्षा दो” के नारे लगाते हुए रामानुजनगर-कालुवा स्टेट हाईवे पर बैठ गईं। भीषण धूप में प्रदर्शन के दौरान कई छात्राएं अपनी समस्याएं बताते हुए भावुक होकर रो पड़ीं।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि छात्रावास में लंबे समय से निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन और नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उनके मुताबिक भोजन की गुणवत्ता भी खराब है और कई बार सड़े-गले चावल, खराब सब्जियां तथा बेहद पतली दाल परोसे जाने की शिकायत है। छात्राओं ने साबुन, तेल, टूथपेस्ट सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया।
छात्रावास की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने छात्रावास के संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि अधीक्षिका की अनुपस्थिति में उनके 23 वर्षीय पुत्र द्वारा छात्रावास की व्यवस्थाओं में हस्तक्षेप किया जाता है। छात्राओं ने बालिका छात्रावास में बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी और कथित हस्तक्षेप की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जर्जर भवन, खराब पंखे और सुविधाओं का अभाव
छात्राओं के अनुसार छात्रावास भवन और रसोईघर की स्थिति भी खराब है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने, भीषण गर्मी में कई पंखे खराब रहने और पर्याप्त बिस्तर उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की गई। छात्राओं का कहना है कि उन्हें कई बार असुविधाओं के बीच रहना पड़ता है।
मौके पर पहुंचे ग्रामीण और छात्र नेता
छात्राओं के प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और छात्र नेता मौके पर पहुंचे। जिला मीडिया प्रभारी अविनाश साहू, विक्की यादव, हुसैन अंसारी, सुमंत राजवाड़े सहित अन्य लोगों ने छात्राओं की मांगों का समर्थन किया।
कांग्रेस नेता अविनाश साहू ने कहा कि यह मामला राजनीति से अधिक बेटियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि छात्राओं द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि शिकायतों की जांच सही तरीके से नहीं हुई तो जिला कलेक्टर कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला स्तरीय टीम पहुंची, आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शन की सूचना प्रशासन तक पहुंचने के बाद जिला स्तरीय टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्राओं से उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को लेकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
इन मांगों को लेकर प्रदर्शन
छात्राओं और क्षेत्रवासियों ने अधीक्षिका के खिलाफ जांच, छात्रावास में बाहरी व्यक्ति के कथित हस्तक्षेप की निष्पक्ष जांच, राशन एवं स्टॉक रजिस्टर सहित बिल-वाउचर का भौतिक सत्यापन, निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन, पर्याप्त बिस्तर एवं दैनिक उपयोग की सामग्री उपलब्ध कराने तथा जर्जर भवन, खराब पंखों और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि छात्राओं द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की प्रशासनिक जांच किस निष्कर्ष पर पहुंचती है और छात्रावास की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।
