( जिंदा रहने के लिए एक मुलाकात जरूरी है सांई जी, जॉनी सूफी) बिलासपुर/चक्करभाटा:-श्री झूलेलाल चालिहा महोत्सव...
चक्करभाटा, जिला बिलासपुर
( जब भी मंदिर जाते हैं चप्पल बाहर उतारते हैं ,अब साथ में अपना इगो भी बाहर...
( ऐसा काम हमने क्या,किया जो तुमने मेरा हाथ थाम लिया मेरे..सांई) बिलासपुर/ चक्करभाटा:-श्री झूलेलाल चालिहा महोत्सवके...
( चिट्ठी आई है चिट्ठी आई है चालिहा महोत्सव में शामिल होने के लिए सांई की चिट्ठी...
( आप भी हंस की तरह कौवैं के झुंड में रहकर कौवे बन गए हो अपने आप...
