
फ्यूचर शाइन इंग्लिश मीडियम स्कूल, बिलासपुर में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत प्रदर्शन प्रस्तुत किया।
🎯 कार्यक्रम का उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, वीर सैनिकों के प्रति सम्मान तथा राष्ट्रीय एकता की भावना का विकास करना था। साथ ही, विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति कौशल, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना भी इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रहा।
🎯 विविध प्रतियोगिताएं और उत्साहपूर्ण सहभागिता
कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग, कोलाज मेकिंग, भाषण (स्पीच) तथा निबंध लेखन (Essay Writing) जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में 200 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। छात्रों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से देशभक्ति, वीरता और राष्ट्रप्रेम को प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया।
🇮🇳 देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां
छात्रों ने अपने भाषणों, पोस्टर्स और निबंधों के माध्यम से भारत देश के वीर सैनिकों के साहस, बलिदान और त्याग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। उन्होंने देश के दुश्मनों को सशक्त संदेश देते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के जोशीले नारों और भावनात्मक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
👮♂️ मुख्य अतिथि एस एस पी श्री रजनीश सिंह का प्रेरणादायक संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईपीएस अधिकारी एवं सिनियर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्री रजनीश सिंह रहे, जिन्होंने अपना कीमती समय बच्चों के बीच बिताया। उन्होंने प्रत्येक छात्र के पोस्टर और प्रदर्शन को ध्यानपूर्वक देखा, उनके विचारों को समझा और उनकी भरपूर सराहना की।
अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने “भारत माता की जय” के जयघोष से की और कारगिल युद्ध के वास्तविक अर्थ को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह युद्ध अत्यंत कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया, जहां भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा, परम वीर चक्र से प्रचलित रूप से जोड़े जाने वाले प्रसिद्ध कथन का भी उल्लेख किया— “या तो तिरंगा लहराकर आऊँगा, या तिरंगे में लिपटकर आऊँगा, लेकिन आऊँगा ज़रूर।” 🇮🇳 इस कथन के माध्यम से उन्होंने बच्चों को देशभक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना का संदेश दिया।
🪖 कारगिल युद्ध से मिलने वाली सीख
श्री रजनीश सिंह ने अपने अनुभवों के आधार पर बच्चों को पाँच महत्वपूर्ण जीवन मंत्र दिए:
- राष्ट्र सर्वोपरि (Nation First): देश सबसे पहले है, बाकी सब बाद में।
- कठोर परिश्रम: हर व्यक्ति को अपने क्षेत्र में पूरी मेहनत करनी चाहिए।
- चुनौतियों को स्वीकार करना: जो चुनौतियों का सामना करता है, वही सफलता प्राप्त करता है।
- उत्कृष्टता (Excellence): हर कार्य को श्रेष्ठ तरीके से करना ही सफलता की कुंजी है।
- सैनिकों के सपनों को साकार करना: हमें अपने कर्मों से देश को आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रसिद्ध शब्द “ये दिल मांगे मोर” का उल्लेख करते हुए बच्चों में जोश और देशप्रेम की भावना जगाई।
👏 छात्रों का जोश और देशभक्ति नारे
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने जोशीले नारों के साथ पूरे माहौल को ऊर्जा से भर दिया, जैसे: “हमारे देश का दुश्मन, हमारा दुश्मन!” “देश के लिए हम अपनी जान भी कुर्बान करेंगे!”
इन नारों और प्रस्तुतियों ने उपस्थित सभी लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए और वातावरण को भावुक एवं प्रेरणादायक बना दिया।
👩🏫 विद्यालय परिवार का सराहनीय योगदान
इस सफल आयोजन में विद्यालय की हेड कोऑर्डिनेटर श्रीमती दिलशाद नसरीन, वाइस प्रिंसिपल श्रीमती तरन्नुम निशा कुरैशी, शिक्षक श्री अखिलेश राजपाल, श्री विनोद शंकर यादव, श्री यासीन सर, श्री दिलशाद सर, समस्त शिक्षकगण एवं समस्त सपोर्ट स्टाफगण का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर टीमवर्क के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया और बच्चों को प्रेरित किया।
🏅 प्रमाण-पत्र वितरण
कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं—पोस्टर मेकिंग, कोलाज मेकिंग, भाषण एवं निबंध लेखन—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्री रजनीश सिंह के द्वारा प्रशंसा-पत्र (Certificates) प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे गर्व और उत्साह से खिल उठे। इस सम्मान ने सभी प्रतिभागियों को भविष्य में भी देशभक्ति, रचनात्मकता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।
🌟 समापन: प्रेरणा और गर्व का क्षण
कार्यक्रम का समापन देशभक्ति की भावना और बच्चों के उत्साह के साथ हुआ। मुख्य अतिथि ने विद्यालय की प्रशंसा करते हुए इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता था, बल्कि छात्रों के अंदर राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
