
*कटनी। हरेमाधव गुरु पूर्णिमा महापर्व के पावन अवसर पर 29 जुलाई को हरेमाधव सत्संग स्थल, माधव नगर (कटनी) में आयोजित हरेमाधव दरबार साहिब में गुरु पूर्णिमा पर्व का आध्यात्मिक महोत्सव पुर्ण श्रद्धा, भक्तिभाव, सेवा सिमरन ध्यान और संस्कार का विराट संगम बनकर संपन्न हुआ जीवनमुक्त सतगुरु बाबा ईश्वरशाह साहिब जी की असीम कृपा से आयोजित इस दिव्य महोत्सव में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर आध्यात्मिक आनन्द का अनुभव किया।महोत्सव का शुभारंभ प्रातःकालीन नाम सिमरन ध्यान से हुआ। इसके पश्चात निकली भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालु गुरु महिमा का गुणगान करते हुए भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। सत्संग में भजन कीर्तन एवं सद ग्रंथ वाणियों का गायन एलईडी के माध्यम से सतगुरु द्वारा संगतों पर बरसाई गई अपार मेहर कृपाओं रहमतों की प्रस्तुति का चलचित्र पर प्रभावशाली चित्रण देखकर अनेक श्रद्धालुओं की आंखें भाव-विभोर होकर नम हो गईं। “हरेमाधव” “हरेमाधव” के जयघोष से पूरा माधवनगर गूंज उठा और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्ति से ओत-प्रोत हो गया।महोत्सव के दौरान अमृत वचनों के माध्यम से मानवता, प्रेम, सेवा, समरसता और सदाचार सनातन का संदेश दिया गया। सायंकाल आयोजित दिव्य महाआरती ने श्रद्धालुओं को अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति कराई। दीपों की मनोहारी आभा, भक्ति संगीत और गुरु महिमा के गगनभेदी जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।इस पावन गुरुपूर्णिमा पर्व के माध्यम से नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय परम्पराओं से जोड़ने का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।हरेमाधव गुरु पूर्णिमा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, संस्कार और मानवता का भव्य उत्सव बनकर सामने आया। महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर समाज में प्रेम, सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा-भाव और भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था, जिसने इस महापर्व को अविस्मरणीय और ऐतिहासिक बना दिया।गुरुपूर्णिमा के अगले दिन प्रात: नाम सिमरन ध्यान और प्रार्थना एवं हरेमाधव जनेऊ संस्कार में 40 नगरों के 175 बच्चों का जनेऊ संस्कार जीवनमुक्त सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी के श्री हस्त से हुआ।
