रायपुर। श्री दुर्गा माता मंदिर मढ़ी, लिली चौक, पुरानी बस्ती रायपुर में आयोजित शिव अमृत कथा के चौथे दिन व्यासपीठ से कथा वाचन करते हुए महंत तुलसीदास उदासी जी ने भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि देवर्षि नारद ने माता पार्वती को भगवान शिव की प्राप्ति के लिए कठोर तपस्या करने का मार्ग बताया। माता-पिता की अनुमति से पार्वती ने कठिन तप किया, जिसके बाद आकाशवाणी हुई कि उनकी तपस्या सफल हो चुकी है और उनका विवाह भगवान भोलेनाथ से ही होगा। दूसरी ओर भगवान शिव को भी देवताओं ने विवाह के लिए प्रेरित किया। इसके बाद भगवान शिव ने सप्तऋषियों को माता पार्वती की परीक्षा लेने भेजा। सप्तऋषियों ने भगवान शिव के विभिन्न अवगुण गिनाकर पार्वती के प्रेम की परीक्षा ली, लेकिन माता पार्वती अपने अटूट विश्वास और समर्पण के कारण हर परीक्षा में सफल रहीं।
महंत तुलसीदास उदासी जी ने वर्तमान समाज पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की विडंबना यह है कि लोग अमीर व्यक्ति की हर बात पर आसानी से विश्वास कर लेते हैं, चाहे वह सही हो या गलत, जबकि गरीब व्यक्ति की सच्ची बात पर भी संदेह किया जाता है। उन्होंने कहा कि समाज की इस सोच को बदलने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि “रील और रियल लाइफ में बहुत बड़ा अंतर है।” सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली छोटी-छोटी रीलें एडिटिंग और प्रस्तुति का परिणाम होती हैं, इसलिए उन्हें वास्तविक जीवन का सत्य मान लेना उचित नहीं है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि मोबाइल की आभासी दुनिया में खोने के बजाय वास्तविक जीवन, परिवार और रिश्तों को महत्व दें।
पारिवारिक जीवन पर संदेश देते हुए महंत जी ने कहा कि पति-पत्नी का संबंध प्रेम, विश्वास और सम्मान पर आधारित होना चाहिए। माता पार्वती ने भगवान शिव को तप, समर्पण और प्रेम से प्राप्त किया था। यदि परिवार में प्रेम, विश्वास और मधुर व्यवहार रहेगा तो विवाद स्वतः समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कठोर से कठोर व्यक्ति भी प्रेमपूर्ण व्यवहार और मीठी वाणी से जीता जा सकता है तथा कई बड़े विवाद केवल धैर्य और शांति से समाप्त हो जाते हैं।
कथा के दौरान भक्ति भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा समापन पर महंत सतगुरु अनंतपुरी गोस्वामी जी के सानिध्य में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। कथा का सोशल मीडिया के माध्यम से सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे हजारों श्रद्धालुओं ने घर बैठे देखा। कार्यक्रम में रायपुर सहित विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और शिव अमृत कथा का लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मीडिया समन्वय हमर संगवारी के संपादक विजय दुसेजा द्वारा किया गया।
