विजय की ✒कलम
बिलासपुर। शहर में सिंधु डांडिया धमाल के आयोजन की तैयारियों के बीच इसे लेकर सिंधी समाज में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यह आयोजन सेंट्रल सिंधी युवा विंग बिलासपुर द्वारा शहर के एक बड़े निजी होटल में किए जाने की बात सामने आ रही है। आयोजन स्थल को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि जब समाज का अपना बड़ा भवन उपलब्ध है, तो डांडिया कार्यक्रम के लिए निजी होटल का चयन क्यों किया गया?
बताया जाता है कि पूर्व में डांडिया कार्यक्रम श्री झुलेलाल मंगल धाम में आयोजित किए जाते रहे हैं तथा वर्ष 2025 में भी झूलेलाल मंगल धाम में आयोजन हुआ था। ऐसे में इस बार निजी होटल में आयोजन करने के निर्णय को लेकर समाज के कुछ लोगों द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है।
चेटीचंड महोत्सव के घाटे की भरपाई की चर्चा
सूत्रों के हवाले से यह चर्चा भी सामने आ रही है कि चेटीचंड महोत्सव के दौरान हुए कथित आर्थिक घाटे की भरपाई के उद्देश्य से इस बार डांडिया कार्यक्रम बड़े होटल में आयोजित किया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। आयोजन समिति की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
चर्चा यह भी है कि निजी होटल में आयोजन होने से अधिक संख्या में लोगों के शामिल होने तथा पास की कीमत अपेक्षाकृत अधिक रखे जाने से अधिक आय हो सकती है। ऐसे में समाज के लोगों का सवाल है कि कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजन है या इसके पीछे कोई आर्थिक गणना भी है?
चेटीचंड की शोभायात्रा को लेकर भी सवाल
चेटीचंड महोत्सव की शोभायात्रा को लेकर भी पिछले कुछ समय से समाज में चर्चा रही है। वर्ष 2026 में शोभायात्रा सिंधी युवक समिति द्वारा निकाले जाने की बात सामने आई है। इससे पहले कई वर्षों तक यह आयोजन सेंट्रल सिंधी युवा विंग से जुड़ा रहा था।
इसी को लेकर कुछ लोगों का दावा है कि पहले चेटीचंड आयोजन के दौरान मिलने वाले सहयोग और चंदे से होने वाली आय अब युवा विंग के पास नहीं आ रही है। हालांकि चंदे की राशि, खर्च और कथित घाटे से संबंधित किसी भी आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
समाज के सामने पारदर्शिता की मांग
अब समाज के कुछ सदस्यों का कहना है कि यदि सिंधु डांडिया धमाल का आयोजन पूरी तरह सामाजिक और सांस्कृतिक उद्देश्य से किया जा रहा है, तो आयोजन स्थल, पास की दर, अनुमानित खर्च, आय तथा आयोजन के उद्देश्य की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
वहीं, यदि चेटीचंड महोत्सव के कथित घाटे की भरपाई के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, तो उसकी भी स्पष्ट जानकारी समाज के सामने रखी जानी चाहिए।
फिलहाल मुख्य सवाल यही है कि जब समाज का अपना भवन उपलब्ध है, तो निजी होटल में सिंधु डांडिया धमाल आयोजित करने की आवश्यकता क्यों पड़ी? अब देखना होगा कि सेंट्रल सिंधी युवा विंग इन सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है।
संपादकीय
